Natural relaxing
प्रकृति जगत द्वारा निर्मित एक अद्भुत नमूना है,जिसकी छांव में हर किसी को चाहे वह जानवर हो,पशु हो,पंछी हो या फिर वह मनुष्य ही क्यों ना हो उसे शांति व आनन्द हमेशा उसी के तले प्राप्त होती है।मनुष्य जब भी परेशान व हताश होता है,तो वह अकेले ने समय गुजरता है,फिर प्रकृति ही उसके जीवन के कष्टों का समाधान करती है।
कैसे समझे प्रकृति को?
सृष्टि का यह सुंदरतम तथा मनोरमय दृश्य हमें बहुत कुछ सिखा जाता है।क्या उड़ता हुआ पंछी जीवन के सपनों में उड़ान नहीं भरता?,क्या बहता हुआ पानी जीवन में निरंतरता को इंगित नहीं करता?,क्या पेड़ बिना किसी के इच्छा के हमें छाया प्रदान कर हमें बिना फल की चिंता किये कर्म करने की प्रेरणा नहीं देता?, क्या बहती हुई हवा मन में उमंग नहीं भर्ती?, क्या पत्तों की हरियाली जीवन में हरियाली नहीं भर्ती?, क्या डूबता हुआ सूरज पुनः वापस आ जाता है,वह हमारे जीवन के दुखों को सुख में बदलने का कार्य नहीं करता? ,ऐसे अनेकों प्रश्न है जिन्हें आप अपनी मनोवृति से जीवन के प्रेरणा स्रोत के रूप में देख सकते हैं। उगता हुआ प्रभात का सूरज जल की बूंदों को मानो मोती सा चमकाता है। उसके उदय से सभी कलियां सभी पेड़-पौधे और सभी हरियाली मानो आभूषणों सौंदर्यवान हो जाती है।
प्रकृति के प्रति सकारात्मक विचार
हमने प्रकृति से हमेशा ही शिकायत की है। हमें जो भी प्राप्त हुआ है ,कभी भी हमने उनका धन्यवाद व्यक्त नहीं किया,बल्कि हमेशा ही प्रकृति से हमने शिकायत ही की है ।क्या होता यदि हमने वर्षों से जो कुछ भी पाया हो उसका यदि हम प्रकृति से धन्यवाद करते हैं? तो शायद हमारे जीवन में एक सकारात्मक विचार उत्पन्न होता और हम अपनी इच्छा के अनुसार उस चीज को प्राप्त करने के लिए सरलता पूर्वक अग्रसर होतें जिसकी हमें आवश्यकता है।
https://youtube.com/shorts/5-8ycIzksO8?feature=share



Great thinking...
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